राम नवमी 2024 : अयोध्या में रामलला का अद्भुत श्रृंगार

Ram Navami Ayodhya: अयोध्या में राम नवमी के मौके पर रामलला का सूर्य की किरणों से अभिषेक किया गया, जिसे 'सूर्य तिलक' नाम दिया गया। 

यह ऐतिहासिक और अद्भुत क्षण पूरे देश के लिए गवाह बना। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा, 'आज रामनवमी का मेला है'।

राम नवमी 2024 में अयोध्या में सूर्य की किरणों ने रामलला का स्वागत किया, जिसके बाद राम मंदिर के कपाट बुधवार को सुबह 3.30 बजे ही खुल गए थे। 

सामान्य दिनों में ये कपाट 6.30 बजे खुलते हैं। इससे श्रद्धालु रात 11.30 बजे तक, अर्थात 20 घंटे तक दर्शन कर सकते थे।

अयोध्या में सूर्य की किरणों से रामलला का सूर्याभिषेक हुआ, जिसे 'सूर्य तिलक' कहा जाता है।

रामनवमी के मौके पर रामलला को सूर्य तिलक के साथ अभिषेक किया गया।

राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने मेले के बारे में बताया कि यह विशेष और ऐतिहासिक मौका है।

 जगद्गुरु राघवाचार्य ने 51 कलशों से भगवान रामलला का अभिषेक किया।

सूर्य तिलक की घटना तीन मिनट तक चली और भक्तों ने इसे बड़े ही उत्साह से स्वागत किया।

इस अद्भुत घटना ने मंदिर परिसर में एक दिव्य माहौल पैदा किया।

उत्सव का प्रसारण शहर में लगभग 100 एलईडी स्क्रीन पर किया गया।

 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने सूर्य तिलक तंत्र बनाने के लिए काम किया।

टीम ने उच्च गुणवत्ता वाले दर्पण और लेंस का उपयोग करके तंत्र को सफल बनाया।

राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के लिए 56 प्रकार के भोग और प्रसाद लगाए गए।

मंदिर में भगवान राम को पीले कपड़े पहनाए गए और उन्हें पंचामृत से स्नान कराया गया।

भक्तों ने उत्सव के दौरान जय श्री राम के नारे लगाए और नाच-गाने का आनंद लिया।

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